झारखंड के किसानों हेतु राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएं

Jharkhand ki Parmukh Yojnaye

झारखंड राज्य में कृषि के विकास के लिए केंद्र सरकार की तरफ से झारखंड राज्य के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन मृदा स्वास्थ्य स्वास्थ्य एवं उर्वरता प्रबंधन की राष्ट्रीय योजना और औषधि फलों की राष्ट्रीय मिशन चलाया जा रहा है

कृषि क्लीनिक योजना –

इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराने के लिए कृषि क्लीनिक की शुरुआत की है इस क्लीनिक में कृषि स्नातकों द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य, पौधा संरक्षण, फसल बीमा, कटाई उपरांत तकनीकी, पशु चारा एवं प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है इसके साथ-साथ किसान भाई खुद के लिए एग्रीक्लीनिक या कृषि व्यवसाय केंद्र स्थापित कर सकते हैं और बड़ी संख्या में किसानों को व्यवसायिक विस्तार सेवाओं की पेशकश कर सकते हैं। कृषि स्नातक हो या कृषि से संबंधित क्षेत्रों जैसे कि बागवानी रेशम उत्पादन, पशु चिकित्सा विज्ञान, डेरी, मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन आदि की प्रारंभिक प्रशिक्षण इसके अंतर्गत दी जाती है प्रशिक्षण पूरा करके आपको प्रारंभिक लोन भी प्रदान करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कृषि क्लिनिको के मदत से फसल कीड़ों और रोगों से सुरक्षा, बाजार में विभिन्न फसलों के मूल्य और पशु स्वास्थ्य के लिए क्लीनिक सेवाएं इत्यादि के बारे में किसानों को विशेषज्ञ की राय और सेवाएं प्रदान करने की परिकल्पना की गई है जिससे पशु फलों की उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि हो ।

विशेष फसल योजना –

इस योजना को सफल बनाने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में अलग-अलग प्रकार के फसलों की खेती के लिए जोर दिया जा रहा है जैसे की मूंगफली, राजमा, तिल, सरसो, जैसे फसलो की खेतों के लिए हर कलस्टर में योजना बनाने के साथ-साथ सभी प्रखंडों में 50-50 हेक्टेयर के कलस्टर की कार्य योजना बनाने पर जोर दिया गया है। ताकि अगले वित्तीय वर्ष में खेती का काम समय पर शुरू किया जा सके। गढ़वा, लातेहार, दुमका जैसे कई ऐसे जिले हैं। जहां विशेष फसल का उत्पादन किया जा रहा है और इस कार्य पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

बागवान मित्र योजना –

बागवान मित्र को प्रशिक्षण झारखंड राज्य में बागवानी को और भी अधिक बढ़ावा देने के लिए ‘बागवान मित्र’ की शुरुआत की गयी। हमारे राज्य की मिटटी खेती और बागवानी के लिए बहुत ही उपयुक्त है बस इसके विकास के लिये लोगो मे जागरूकता की कमी है। झारखंड राज्य में 5000 बागवान मित्र बनाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाना है। इससे राज्य में लोग बागवानी के प्रति जागरूक होंगे और साथ ही साथ युवाओं का कौशल विकास तो होगा ही, और वे आत्मनिर्भर भी बनेंगे।

 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *